लखनऊ. पूर्व कैबिनेट मकंत्री और दुष्कर्म के आरोपी कद्दावर कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से अल्प अवधि के लिए जमानत मांगी है। जमानत पर राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दस दिन का समय दिया है।

यह आदेश जस्टिस अनिल कुमार की एकल पीठ ने गायत्री प्रजापति की ओर से अधिवक्ता बालकेश्वर श्रीवास्तव द्वारा दाखिल शार्ट टर्म जमानत याचिका पर सुनवायी करते हुए पारित किया।

पहले भी जमानत याचिका हो चुकी है खारिज
याची गायत्री प्रसाद प्रजापति गौतमपल्ली थाने में दर्ज मुकदमे में अभियुक्त है। यह मुकदमा सामुहिक दुराचार व पॉक्सो एक्ट समेत कई गम्भीर धाराओं में दर्ज है। याची की पहली जमानत याचिका 14 दिसम्बर 2017 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।

गंभीर बीमारी से पीड़ित होने का दिया हवाला
याची की ओर दलील दी गयी कि वह कई गम्भीर बीमारियों से पीड़ित है। याची की ओर से केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। कहा गया कि केजीएमयू से उसका इलाज तो चल रहा है लेकिन याची की बीमारियों के सम्बंध में केजीएमयू में उचित इलाज उपलब्ध नहीं है। उसे किसी अन्य अस्पताल में इलाज की आवश्यकता है।

इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को आपत्ति दाखिल करने के लिए दस दिन का समय दिया, साथ ही यह भी बताने को कहा कि क्या याची वास्तव में बीमारियों से पीड़ित है अथवा क्या उसका केजीएमयू में इलाज नहीं हो सकता। कोर्ट ने केजीएमयू को भी सरकारी वकील से सहयोग करने के निर्देश दिये।



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Gayatri Prajapati sought bail citing poor health; Court asked government to reply in ten days


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