बॉलीवुड डेस्क. जेएनयू में मारपीट और हिंसा के खिलाफ चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने पर दीपिका पादुकोण को पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता आसिफ गफूर की शाबाशी मिली है। गफूर ने ट्विटर पर एक्ट्रेस की तारीफ की। हालांकि, बाद में उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन पाकिस्तान की ही पत्रकार नायला इनायत ने ट्वीट का प्रिंट स्क्रीन साझा कर गफूर पर तंज कसा है। नायला ने लिखा है, "शाबाश दीपिका, मुझे (ट्वीट) हटाने दो और आत्मसमर्पण करने दो।"

गफूर ने लिखा था- शाबाश दीपिका
गफूर ने अपने ट्वीट में लिखा था, "शाबाश दीपिका युवा और सच के साथ खड़े होने के लिए। तुमने मुश्किल हालात में खुद को बहादुर इंसान साबित कर सम्मान हासिल किया है। इंसानियत हर चीज से ऊपर है।"

भाजपा में अलग-अलग बयान
इस मामले में भाजपा नेताओं के बयानों में टकराव देखने को मिल रहा है। जहां ज्यादातर नेता दीपिका का विरोध कर रहे हैं तो वहीं हंसराज हंस और प्रकाश जावड़ेकर समेत कुछ नेताओं ने दीपिका का पक्ष भी लिया है। सांसद हंसराज हंस ने एक बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि कलाकार इनोसेंट होते हैं। अपनी फिल्म के प्रमोशन की व्यस्तता के चलते उन्हें जानकारी नहीं होगी कि आखिर जेएनयू में हुआ क्या था? मैंने दीपिका को देखा था। वे चुप थीं और कुछ परेशान भी थीं। चुपचाप ही वे वहां से वापस हो गईं। उन्होंने किसी का समर्थन नहीं किया।"
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस मामले में कहा कि उन्होंने कमेंट्स नहीं पढ़े हैं। वे कहते हैं, "सिर्फ कलाकार ही क्यों, कोई भी आम आदमी कहीं भी जाकर अपनी राय रख सकता है। इसमें किसी को आपत्ति नहीं हो सकती।"
विरोध करने वालों की में सांसद रमेश बिधूड़ी ने फिल्म 'छपाक' के बायकॉट की अपील करते हुए कहा है कि बॉलीवुड स्टार को देश विरोधियों के साथ खड़े होने की बजाय अपनी फिल्म के जरिए युवाओं को सकारात्मक संदेश देना चाहिए। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि दीपिका को हिंसा के बारे में सही संज्ञान लेना चाहिए था। वामपंथी संगठनों के साथ एकजुटता के साथ खड़े होकर उन्होंने एकतरफा सोच का परिचय दिया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2N7Pfel

0 Comments