नई दिल्ली. जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने कैंपस में हुई हिंसा को लेकर हो रही राजनीति पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा मैं प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने आ रही महान हस्तियों से यह पूछना चाहूंगा कि वे यहां पढ़ने वालों के साथ क्यों खड़ी नहीं होतीं? उन हजारों छात्रों और शिक्षकों का क्या होगा जो अपने शोध करने और पढ़ाने के अधिकार से वंचित हैं।
पिछले रविवार को जेनएयू कैंपस में कुछ नकाबपोशों ने छात्रों के साथ मारपीट और तोड़फोड की थी। इसके बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता परिसर में पहुंच रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य और द्रमुक नेता कनिमोझी ने संस्थान का दौरा किया।
कुलपति ने कहा-हमारे यूनिवर्सिटी का राजनीतिकरण नहीं करें
छात्रों के साथ हुई हिंसा पर हो रही राजनीति को लेकर कुलपति ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संस्थान में आने वाले राजनीतिक दलों से कहा कि कृपया हमारे यूनिवर्सिटी का राजनीतिकरण नहीं करें। हमें अकेला छोड़ दें और अपना काम करने दें। जगदीश ने कहा फीस वृद्धि को लेकर हम यूनिवर्सिटी के एल्युमनी से फंड बनाने के लिए संपर्क कर सकते हैं। इससेगरीब वर्ग से आने वाले सभी छात्रों की मदद की जा सकेगी।
कैंपस को अस्थायी तौर पर बंद करने की मांग नहीं की- कुलपति
कुलपतिऔर रेक्टर सतीश चंद्र गरकोटी ने इससे पहले मानव संशाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद कुलपति जगदीश कुमारकहा कि जेएनयू प्रशासन ने कैम्पस को अस्थायी तौर पर बंद करने की मांग सरकार से नहीं की है। एचआरडी मंत्रालय को ऐसा कोई सुझाव नहीं भेजा गया। हम संस्थान के माहौल को दोबारा छात्रों के लायक बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने सभी छात्रों और शिक्षकों से कैंपस में शांति बनाए रखने और किसी प्रकार की गलत सूचना नहीं फैलाने की अपील की है।
मंत्रालय ने कहा-जेएनयू अंतरराष्ट्रीय ख्याती प्राप्त,यह ऐसा ही रहे
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुलपति एम जगदीश कुमार को छात्रों के साथ ज्यादा संवाद बनाने औरफैकल्टी को विश्वास में लेने का सुझाव दिया। मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी से कहा जेएनयू अंतरराष्ट्रीय ख्याती प्राप्तएक प्रमुख यूनिवर्सिटी है और इसे ऐसा ही रखा जानाचाहिए। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए अधिक दबाव नहीं बनाया जाएलेकिन इसे सभी के लिए आसान बनाया जाना चाहिए।
बिना फाइनरजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख बढ़ाई गई
विंटर सेमेस्टर के लिए बिना फाइन लिए पंजीकरण की आखिरी तारीख 12 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। अभी तक 3,300 छात्र अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पिछले सप्ताह क्षतिग्रस्त की गई कॉम्युनिकेशन एंड इंर्फोमेशन सिस्टम( सीआईएस) दुरुस्त कर ली गईहै। रजिस्ट्रेशन और सर्विस चार्ज का खर्च पहले लिए गए निर्णय के मुताबिक यूजीसी ही वहन करेगा। यह छात्रों से नहीं लिया जाएगा।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from Dainik Bhaskar /national/news/jnu-vice-chancellor-m-jagadesh-kumar-on-celebrities-over-jnu-campus-violence-126467517.html

0 Comments